
गंगा और गोमती तट के किनारे होगा नव निर्माण और सौंदर्यीकरण
बागेश्वर। जिले में नमामि गंगे योजना के तहत गंगा और गोमती तट के किनारे का नव निर्माण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सुरक्षात्मक कार्य भी किए जाएंगे। करोड़ों की योजना के काम को लेकर जिला कार्यालय सभागार में गंगा सुरक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम ने योजना को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए। बैठक में सिंचाई विभाग के ईई एके जॉन ने बताया कि नमामी गंगे योजना के तहत ब्लॉक बागेश्वर में सरयू नदी के दांये पार्श्व पर नगर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक, निर्माण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें भाग एक में 585.39 लाख तथा भाग दो में 1383.36 लाख सहित कुल 1968.85 लाख की लागत से कार्य किया जाना है। बताया कि भाग एक में सूरजकुण्ड में 300 मीटर लंबाई में नये घाट तथा बागनाथ मंदिर के समीप स्थित घाटों के नव निर्माण व सौंदर्यीकरण का कार्य होगा। इसमें गोमती पुल से काल भैरव मंदिर तक 120 मीटर रैंप भी बनेगा। मोक्ष द्वार व संगम तक जाने का रास्ता भी बनाया जाएगा। भाग दो में सूरजकुंड से बागनाथ मंदिर तक 980 मीटर लंबाई में रिटेनिंग वॉल का निर्माण व दीवार के ऊपर तीन मीटर चौड़ा पैदल रास्ता बनेगा। महंत बगीचे से सैंज तक 500 मीटर लंबाई में रिटेनिंग वॉल के साथ दीवार के ऊपर तीन मीटर चौड़ा पैदल रास्ता बनाया जाएगा। सैंज से अग्निकुंड पुल तक 450 मीटर लंबा आरसीसी पैदल रास्ते का निर्माण प्रस्तावित है। बैठक में समिति के सदस्यों ने योजना को लेकर अपने सुझाव रखे। डीएम ने प्रभागीय वनाधिकारी एवं अधिशासी अभियंता सिंचाई को नमामी गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल करने के लिए नदियों में नदी, नालों से निकलने वाले कचरे का ठीक ढंग से निस्तारण करने के निर्देश दिए। जलनिगम के ईई को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को भूमि चयन प्रक्रिया के लिए जनप्रतिनिधियों, एसडीएम, ईओ के माध्यम से संयुक्त निरीक्षण कर जल्द भूमि चयन के लिए कहा है। बैठक में जिपं अध्यक्ष बसंती देव, विधायक चंदन राम दास, बलवंत सिंह भौर्याल, पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, डीएफओ बीएस शाही सहित विभागीय अधिकारी व समिति के सदस्य मौजूद रहे।


