
अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में ‘नकदी फसलों की उन्नत खेती’ विषय पर तीन दिवसीय तकनीकी कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 7 से 9 सितंबर तक संस्थान के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में आयोजित प्रशिक्षण में नैनीताल जिले के धारी विकासखंड के किसानों को आधुनिक खेती, प्रसंस्करण और विपणन की वैज्ञानिक जानकारी दी गई।
संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रशिक्षण हिमोत्थान सोसाइटी, अल्मोड़ा द्वारा टाटा ट्रस्ट की “हिमालयी कृषि विकास पहल” के अंतर्गत कराया गया। कार्यक्रम में कुल 28 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 21 पुरुष और सात महिला किसान शामिल रहीं।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को उन्नत सब्जी उत्पादन के लिए नर्सरी प्रबंधन, बेमौसमी सब्जी उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, समेकित रोग एवं कीट प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, उच्च मूल्य वाली फसलों के मूल्यवर्धन तथा मृदा एवं जल संरक्षण तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने व्याख्यान और प्रायोगिक प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम में ‘उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की मूल्य श्रृंखला : खेत से बाजार तक’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को उत्पादन के साथ-साथ विपणन, बाजार से जुड़ाव और बेहतर मूल्य प्राप्त करने के उपाय बताए गए। अंतिम दिन आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद में प्रतिभागियों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याएं और जिज्ञासाएं वैज्ञानिकों के समक्ष रखीं, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
समापन समारोह में प्रतिभागी किसानों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। साथ ही परंपरागत पोषक अनाज फसलों से तैयार मूल्यवर्धित उत्पाद भी प्रदान किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र सिंह भिण्डा, डॉ. सुशील कुमार एवं डॉ. दिवेकर ने किया।


