
अल्मोड़ा। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन उत्तराखंड के आह्वान पर जनपद अल्मोड़ा में चल रहे आंदोलन के तहत चौथे दिन भी गेट मीटिंग का क्रम जारी रहा। बुधवार को विकासखंड भैंसियाछाना में खंड शिक्षा अधिकारी एवं उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई।
बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि प्रधान सहायक एवं प्रशासनिक अधिकारी के पदों का समायोजन करते हुए प्रशासनिक अधिकारी (वरिष्ठ) तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पदों का पुनर्गठन किया जाए। साथ ही लेवल-11 के उप निदेशक पद का सृजन, फारगो नियमावली समाप्त करने, मिनिस्टीरियल संवर्ग का पुनर्गठन, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, स्थानांतरण संबंधी विसंगतियों का समाधान, कॉमन सेवा नियमावली लागू करने, पदोन्नति में संक्रमण काल समाप्त करने तथा मिनिस्टीरियल पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियां नहीं करने सहित 12 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र शासनादेश जारी करने की मांग की गई।
पूर्व मंडल अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि अधिकांश मांगों पर शासन स्तर से समीक्षा के बाद बिना अतिरिक्त वित्तीय भार के निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों को आहरण एवं वितरण अधिकार प्रदान करने तथा उनके कार्य एवं उत्तरदायित्व शासन स्तर से स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाने की भी मांग की।
ब्लॉक संयोजक आनन्द सिंह नेगी ने कहा कि मिनिस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारी विभागीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से सभी लंबित मामलों में शीघ्र निर्णय लेकर शासनादेश जारी करने की मांग की।
गेट मीटिंग में धीरेन्द्र कुमार पाठक, गौरव पांडे, रामशरण सिंह रावत, योगेन्द्र सिंह बिष्ट, कमला नेगी, भगवान भट्ट, सुनील बिष्ट, आनन्द सिंह नेगी और अजय मेहता सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।


