

अल्मोड़ा। मोहान वन क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद वन विभाग द्वारा चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान सफल हो गया है। वन विभाग की टीम ने रविवार सुबह ग्राम सभा तड़म क्षेत्र में बाघ को रेस्क्यू कर उसे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भेज दिया। उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर ने बताया कि कैमोरिया बीट अंतर्गत ग्राम सभा तड़म में 31 मार्च को मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद वन विभाग लगातार निगरानी और रेस्क्यू अभियान चला रहा था। ड्रोन, ट्रैप कैमरों और गश्ती दलों की मदद से क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही थी। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पिंजरे, फॉक्स लाइट, सायरन और अग्निशमन उपकरण भी लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे बाघ का सफल रेस्क्यू कर लिया गया। रेस्क्यू के बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें वह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद बाघ को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भेज दिया गया। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में लगातार रात्रिकालीन गश्त, ट्रैकिंग और सर्च अभियान भी चलाया। अभियान में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और नैनीताल चिड़ियाघर की विशेषज्ञ टीमों का सहयोग लिया गया। तीन मई को ग्राम सभा तड़म के पास बाघ को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन घने जंगल और विषम परिस्थितियों के कारण अभियान को आगे बढ़ाते हुए अतिरिक्त टीमें तैनात करनी पड़ीं। वन विभाग ने क्षेत्र में जनजागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। लोगों से वन्यजीवों की गतिविधियां दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचना देने तथा जंगल में अकेले और अंधेरे में गैर जरूरी आवाजाही से बचने की अपील की गई।

