Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • बागेश्वर
  • मन्यूड़ा और गलई क्षेत्र में पेयजल संकट
  • बागेश्वर

मन्यूड़ा और गलई क्षेत्र में पेयजल संकट

RNS INDIA NEWS 06/05/2021
default featured image

बागेश्वर। कोरोना काल में घर से बाहर नहीं निकलना है, लेकिन पानी के लिए स्त्रोतों और नदियों का रुख तो करना ही पड़ेगा। ऐसा ही मन्यूड़ा और गलई क्षेत्र के ग्रामीण कर रहे हैं। हर घर नल से जल योजना उनके गांव में बनने के बावजूद पानी की बूंद उन्हें नसीब नहीं हो रही है। अलबत्ता केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना को कहीं न कहीं पलीता विभाग ही लगाने में तुला है। पानी की किल्लत को दूर करने और प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ जल पिलाने का केंद्र सरकार का संकल्प ग्रामीण क्षेत्रों में टूट रहा है। मन्यूड़ा गांव के लिए पूर्व में बनी स्वजल योजना से हर घर नल से जल योजना भी जोड़ दी गई। लेकिन योजना की मरम्मत और स्त्रोत पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग भूल गया। प्रत्येक घरों तक पाइप लाइन पहुंचा दी और कनेक्शन भी प्रदान कर दिए गए। लेकिन पानी की बूंद के लिए अब लोग तरस रहे हैं। क्योंकि नलों में जो पानी आ रहा है, उसे दबंग किस्म के लोग टूल्लू से जोडक़र खीच लेते हैं। आमजन उनका विरोध भी नहीं कर पा रहा है। स्थानीय कुणाल जोशी, मोहन चंद्र, गीता देवी आदि ने कहा कि मांगलिक कार्यक्रमों में पानी मिल जाता है, अन्य दिन नलों से बूंद तक नहीं टपकती है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए और वितरण प्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए। उधर, गलई के लिए भी स्वजल योजना बनी है और उसी पर केंद्र की नई योजना भी जुड़ गई है। यहां 45 परिवारों के साथ पेयजल संकट पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान नीमा देवी ने कहा कि जल संस्थान को कई बार सूचना दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल को भी ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि यदि आपूॢत सुचारू नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

केंद्र की हर घर नल से जल योजना के प्राथमिक चरण का काम लगभग पूरा हो गया है। दूसरे चरण में प्राकृतिक स्त्रोतों का रखरखाव, टंकी निर्माण आदि होगा। शुद्ध पेयजल की आपूॢत करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। -इं. सीएस देवड़ी, प्रभारी अधिशासी अभियंता, बागेश्वर।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: कोविड-19 टीकाकरण के कार्यो में लापरवाही
Next: मीडिया को रिपोर्टिंग का अधिकार, मद्रास हाईकोर्ट भाषा के इस्तेमाल पर ध्यान दे

Related Post

default featured image
  • बागेश्वर

ड्यूटी के दौरान सीने में उठा दर्द, उपचार के दौरान मौत

RNS INDIA NEWS 27/12/2025 0
default featured image
  • बागेश्वर

48 घंटे में चोरी की स्कूटी बरामद, आरोपी गिरफ्तार कर भेजा जेल

RNS INDIA NEWS 20/12/2025 0
default featured image
  • बागेश्वर

केमू बस-पिकअप की टक्कर, बच्चों में मची चीख पुकार

RNS INDIA NEWS 16/12/2025 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 16 जनवरी
  • 11वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
  • देह व्यापार मामले में महिला को छह माह का कारावास
  • उच्च शिक्षा विभाग में 268 असिस्टेंट प्रोफसर के स्थायीकरण को सरकार की मंजूरी
  • विक्रम और ड्राइवरों का सत्यापन अभियान शुरू
  • सड़क सुरक्षा माह के तहत चौखुटिया और सोमेश्वर में निकाली जागरूकता बाइक रैली

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.