
अल्मोड़ा। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए सोमवार को मेयर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समझौते का कार्यवृत्त जारी कर मांगों पर शासनादेश जारी नहीं किए गए तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।
प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि संघ ने 18 जून से 17 जुलाई तक अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाया था। जनहित को ध्यान में रखते हुए संगठन ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, क्रमिक अनशन और अनशन किया। इसके बाद शहरी विकास निदेशालय के आमंत्रण पर देहरादून में शहरी विकास मंत्री की अध्यक्षता में वार्ता हुई, जिसमें संघ की कई मांगों पर सहमति बनी और कुछ प्रस्तावों पर शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया गया।
संघ का आरोप है कि सहमति बनने के बावजूद अब तक वार्ता का कार्यवृत्त जारी नहीं किया गया है। इससे सफाई कर्मचारियों में भारी असंतोष है और पुनः आंदोलन की स्थिति बन गई है। ज्ञापन में कहा गया कि मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया था, लेकिन कार्यवृत्त जारी न करना कर्मचारियों के साथ विश्वासघात है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन स्थगित होने के बाद प्रदेश सरकार ने एस्मा लागू कर सफाई कर्मचारियों के प्रति अपनी नकारात्मक मंशा उजागर की है। संगठन ने इसे कर्मचारियों के आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि संघ के साथ हुए समझौते का कार्यवृत्त तत्काल जारी किया जाए तथा सहमति के अनुरूप लंबित मांगों पर शासनादेश जारी किए जाएं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह किसी भी समय पुनः आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

