
पिथौरागढ़। भारत और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा, अपराध नियंत्रण तथा आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में भारत-नेपाल समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा, सूचनाओं के आदान-प्रदान और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
बैठक में जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने भारत की ओर से प्रमुख मुद्दे रखे, जबकि नेपाल की ओर से बैतड़ी की मुख्य जिलाधिकारी मीना अर्याल और दार्चुला के मुख्य जिलाधिकारी वर्तराज पौडेल ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय पुलिस, एसएसबी, कस्टम तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल जानकारी साझा करने, सीमापार आने-जाने वाले लोगों के दस्तावेजों के सत्यापन और नियमित समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
नशीले पदार्थों, वन्य उत्पादों तथा अन्य अवैध सामग्री की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और अपराधियों के विरुद्ध संयुक्त सहयोग से कार्रवाई करने पर भी दोनों देशों के अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की। साथ ही सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया।
बैठक में बाढ़, भूस्खलन, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित सूचना साझा करने और राहत एवं बचाव कार्यों में एक-दूसरे को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन में संयुक्त समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर सहमति जताई।
भारत-नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुलों की सुरक्षा, नियमित निरीक्षण और रखरखाव को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक के अंत में दोनों देशों के अधिकारियों ने भविष्य में भी नियमित अंतराल पर समन्वय बैठकें आयोजित करने तथा सभी निर्णयों पर प्रभावी अमल सुनिश्चित करने का भरोसा व्यक्त किया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह सहित भारत और नेपाल के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


