Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • हिमाचल प्रदेश
  • भूकंप: हिमाचल के कुल्लू में डोली धरती, रिक्टर पैमाने पर 2.3 रही तीव्रता
  • हिमाचल प्रदेश

भूकंप: हिमाचल के कुल्लू में डोली धरती, रिक्टर पैमाने पर 2.3 रही तीव्रता

RNS INDIA NEWS 28/12/2021
default featured image

शिमला।  हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार सुबह करीब 11 बजकर सात मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.3 रही। भकूंप का केंद्र कुल्लू में जमीन के अंदर 10 किलोमीटर गहराई पर था। हालांकि भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद कई लोग अपने घरों से बाहर खुली जगह के लिए निकले। इससे पहले भी कुल्लू व अन्य जिलों में कम तीव्रता वाले भूकंप आते रहे हैं।

हिमाचल भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील

हिमाचल जोन पांच यानी भूकंप के लिहाज से अति संवेदनशील वर्ग में आता है। 4 अप्रैल 1905 को हिमाचल में 7.8 तीव्रता वाला बड़ा भूकंप आ चुका है। इसके बाद हिमाचल में बड़े भूकंप अक्सर आते रहे हैं। 28 फरवरी 1906 को कुल्लू में 6.4 तीव्रता वाला भूकंप आया था। वर्ष 1930 में भी 6.10 तीव्रता वाला भूकंप आया था। इसके बाद वर्ष 1945 में 6 और 1975 में 6.8 तीव्रता वाला भूकंप आया था। प्रदेश के चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर सिस्मिक जोन पांच और लाहौल स्पीति, शिमला, सिरमौर, सोलन जोन चार में आते हैं।  विशेषज्ञों के अनुसार लोगों को बेतरतीब निर्माण के बजाय भूकंपरोधी घर ही बनाने चाहिए ताकि आपदा के समय उनकी जिंदगी बच सके। हिमाचल सरकार को स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा मॉकड्रिल करवानी चाहिए। हर स्कूल के कमरे में एक बड़ा मजबूत टेबल होना चाहिए ताकि भूकंप के दौरान बच्चे उसके नीचे सुरक्षित बच सकें।

1905 के भूकंप में 20 हजार से ज्यादा गईं थी जानें

कांगड़ा में 4 अप्रैल, 1905 की अलसुबह आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में 20 हजार से ज्यादा इंसानी जानें चली गई थीं। भूकंप से एक लाख के करीब इमारतें तहस-नहस हो गई थीं, जबकि 53 हजार से ज्यादा मवेशी भी भूकंप की भेंट चढ़ गए थे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: हिमाचल प्रदेश में पांच दिनों तक मौसम साफ रहने के आसार, ठंड से राहत मिलने की उम्मीद
Next: शिक्षा विभाग: मेधावियों को चार साल में लैपटॉप नहीं दे सकी हिमाचल सरकार

Related Post

default featured image
  • हिमाचल प्रदेश

दवा नियंत्रण टीम की बड़ी कार्रवाई, अचानक मारा छापा, नकली दवा रैकेट का किया भंडाफोड़

RNS INDIA NEWS 06/07/2025 0
default featured image
  • हिमाचल प्रदेश

13 वर्षीय भतीजी से दरिंदगी करने वाले चाचा को कोर्ट की कड़ी सजा

RNS INDIA NEWS 06/07/2025 0
default featured image
  • मण्‍डी
  • हिमाचल प्रदेश

मंडी में भारी तबाही से जानमाल का नुकसान, अब तक 13 की मौत

RNS INDIA NEWS 03/07/2025 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 28 जनवरी
  • घास काटते हुए महिला को लगा करंट, मौत
  • सीएम धामी के नेतृत्व में जनसेवा का रिकॉर्ड, 474 कैंपों से 3.77 लाख से अधिक लोग लाभान्वित
  • आठवें वेतनमान के लिए लामबंद हुए रेल कर्मचारी
  • ट्रक बिक्री का झांसा देकर 10.90 लाख रुपये ठगे
  • खटीमा के बिरिया मझोला में गुलदार के हमले में महिला घायल

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.