Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • खड़िया खनन मामले में राज्य पर्यावरण विभाग से चार हफ्ते में जवाब मांगा
  • नैनीताल

खड़िया खनन मामले में राज्य पर्यावरण विभाग से चार हफ्ते में जवाब मांगा

RNS INDIA NEWS 24/09/2024
rns featured image new

नैनीताल(आरएनएस)। हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील में खनन माफिया द्वारा अवैध रूप किए जा रहे खड़िया खनन मामले में राज्य पर्यावरण विभाग से चार सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए कहा है। मामले में दायर जनहित याचिका पर सोमवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रितु बाहरी एवं न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में सुनवाई हुई। पूर्व में कोर्ट ने इस मामले की कोर्ट कमीशन कराकर, उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर जनहित याचिका को यह कहते हुए निस्तारित कर दिया था कि स्टेट इन्वायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी इसमें निर्णय लेगी। लेकिन इस आदेश को याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की फिर से सुनवाई के लिए हाईकोर्ट को वापस भेज दिया था। उच्चतम न्यायालय ने साथ में यह भी कहा कि खनन पर रोक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सोमवार को कोर्ट ने मामले की फिर से सुनवाई करते हुए राज्य पर्यावरण विभाग से चार सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए कहा।
क्या है मामला:  मामले के अनुसार, बागेश्वर निवासी हीरा सिंह पपोला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि बागेश्वर जिले की तहसील कपकोट की रीमा घाटी, गुलाम प्रगड़ एवं भियूं गांव में सरकार के स्तर से खनन पट्टा आवंटित किया गया है। इसमें खनन माफिया द्वारा निर्धारित मात्रा से अधिक अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। साथ ही अवैध रूप से खनन कर निकाले उपखनिज को बाहर ले जाने के लिए वन भूमि में अवैध रूप से सड़क भी बना ली है। अंधाधुंध हो रहे खनन के चलते क्षेत्र के के प्राकृतिक जलस्रोत सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि अवैध रूप से किए जा रहे खनन से होने वाले दुष्प्रभाव से गांव को बचाया जाए।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों के लिए प्रदान की वित्तीय स्वीकृतियां
Next: पीआरडी जवान से चार लाख की धोखाधड़ी

Related Post

rns featured image new
  • नैनीताल

राज्यपाल, सांसद और न्यायाधीशों ने योग से दिया निरोगी जीवन का संदेश

RNS INDIA NEWS 21/06/2026 0
rns featured image new
  • नैनीताल

भवन निर्माण और सर्विस सेंटर में पानी के उपयोग पर लगी रोक हटी

RNS INDIA NEWS 21/06/2026 0
rns featured image new
  • नैनीताल

कैंची धाम के पास बस खराब होने से हाईवे पर तीन किलोमीटर लंबा जाम

RNS INDIA NEWS 21/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 30 जून
  • एसआईआर में 92% से अधिक डिजिटाईजेशन का कार्य पूर्ण
  • कांगड़ी फ्लाईओवर पर भीषण हादसा, मां-बेटे समेत तीन की मौत
  • कसार देवी व चितई पंत में महिला कोतवाली का जागरूकता अभियान
  • भूमि बेचने के नाम पर एक करोड़ रुपये हड़पने का आरोप
  • ग्राम प्रहरियों को दिए नशा तस्करी व साइबर अपराधों पर सतर्क रहने के निर्देश
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.