Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • रुद्रप्रयाग
  • केदारनाथ धाम के नाम और ढ़ाचें का भी न किया जाए दिल्ली मंदिर में प्रयोग
  • रुद्रप्रयाग

केदारनाथ धाम के नाम और ढ़ाचें का भी न किया जाए दिल्ली मंदिर में प्रयोग

RNS INDIA NEWS 23/07/2024
rns featured image new

रुद्रप्रयाग(आरएनएस)।  दिल्ली में केदारनाथ मंदिर निर्माण करने के प्रयासों की रुद्रप्रयाग एवं केदारघाटी की जनता ने निंदा की है। जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। पूर्व बीकेटीसी सदस्य प्रदीप बगवाड़ी, वरिष्ठ तीर्थपुरोहित एवं बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष माधों सिंह नेगी, राजेंद्र डोभाल, प्रेम सिंह, देवेश्वर प्रसाद, घनानंद सती, कांता नौटियाल आदि लोगों ने कहा कि इस पूरी तरह धामों की मर्यादा के खिलाफ है।

उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के प्रति आपका बड़ा स्नेह है, यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने कई प्रयास किए हैं। सांस्कृतिक पर्यटन में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री महत्पूर्ण स्थल है, जिन्हें विकसित करने के लिए सरकार के प्रयास जारी है। दिल्ली में केदारनाथ मन्दिर की स्थापना करने का प्रयास पूरी तरह गलत है। यहां की धार्मिक मर्यादा को प्रभावित करने वाला कदम है। जिसका देवभूमि उत्तराखंड के केदारघाटी क्षेत्र में जमकर विरोध किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग जनपद केदारनाथ मंदिर के चलते लोगों की आर्थिकी से जुड़ा है। जिससे यह लोगों की रोजी रोटी का साधन भी है। दिल्ली में केदारनाथ मन्दिर की स्थापना से केदारनाथ के महत्व को समाप्त करने की एक साजिश है। केदारनाथ को 11वें ज्योर्तिलिंग का स्थान दिया गया है, जिससे देश में केदारनाथ का बड़ा महत्व और श्रद्धा देशवासियों में हैं। इसलिए दिल्ली में जो मन्दिर निर्माण किया जा रहा है, उक्त मन्दिर का ढांचा भी केदारनाथ की तरह कतई न बनाया जाए। साथ ही मन्दिर का नाम भी केदारनाथ धाम न रखा जाए।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: मंत्री बहुगुणा ने 406 परिवारों को बांटी अहैतुक सहायता राशि
Next: राशिफल 24 जुलाई

Related Post

rns featured image new
  • रुद्रप्रयाग

ठेके के विवाद में पुलिसकर्मी के निलंबन की मांग

RNS INDIA NEWS 04/06/2026 0
rns featured image new
  • रुद्रप्रयाग

‘कैरी मी बैक’ बैग से श्रद्धालु केदारनाथ से गौरीकुंड लाएंगे सूखा कूड़ा

RNS INDIA NEWS 02/06/2026 0
rns featured image new
  • रुद्रप्रयाग

केदारनाथ के रावल भीमा शंकर लिंग ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, प्रधानमंत्री मोदी को भेजा पत्र

RNS INDIA NEWS 29/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • आतंकवाद विरोधी अभियान में शहीद हुए अल्मोड़ा के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी
  • राशिफल 07 जून
  • बागेश्वर में जल्द शुरू होगी मिनी बस सेवा
  • भूमि सौदे के नाम पर 30 लाख की ठगी का आरोप, मुकदमा
  • कांग्रेस के आरोप राजनीतिक हताशा का परिणाम : विनीत बिष्ट
  • वरिष्ठ नागरिकों को दी कानूनी अधिकारों और योजनाओं की जानकारी
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.