
पिथौरागढ़। चीन सीमा के निकट स्थित मुनस्यारी क्षेत्र के रडगाड़ी और बुगडियार गांवों में इस स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार बिजली की रोशनी पहुंचेगी। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने दोनों गांवों तक विद्युत लाइन बिछाने के साथ ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिया है। 15 अगस्त को योजना के औपचारिक शुभारंभ के साथ वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे ग्रामीणों को बिजली की सुविधा मिल जाएगी।
मुनस्यारी से लगभग 35 से 40 किलोमीटर हवाई दूरी पर स्थित ये माइग्रेशन गांव गर्मियों के दौरान आबाद रहते हैं। निचले क्षेत्रों से जनजातीय समुदाय के लोग अपने मवेशियों के साथ यहां निवास करते हैं। अब तक बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीण ढिबरी, लालटेन, मोमबत्ती और सौर लालटेन के सहारे रात गुजारने को मजबूर थे।
मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मसक्तू ने बताया कि इन गांवों को बिजली से जोड़ने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने कहा कि बिजली पहुंचने से सीमांत क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
यूपीसीएल मुनस्यारी के उपखंड अधिकारी सद्दाम अली ने बताया कि रडगाड़ी और बुगडियार तक विद्युत लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अन्य माइग्रेशन गांवों में भी तेजी से कार्य चल रहा है और उन्हें भी जल्द बिजली सुविधा से जोड़ दिया जाएगा।
विभाग के अनुसार रडगाड़ी और बुगडियार के बाद मिलम, लास्पा, मर्तोली, बल्जी, बुर्फू, मापा, टोला और गनघर सहित अन्य माइग्रेशन गांवों को भी विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से लीलम से लगभग 62 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन बिछाई जा रही है।
बिजली पहुंचने से केवल ग्रामीणों को ही नहीं, बल्कि सीमा पर तैनात सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को भी लाभ मिलेगा। बुगडियार सुरक्षा बलों का प्रमुख केंद्र होने के कारण अब उन्हें बिजली के लिए जनरेटर और सौर ऊर्जा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
