
ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। सूर्य को अर्घ्य देकर विधि-विधान से पूजा अर्चना की और भिक्षुओं को दान दिया। मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में भी मुख्य घाट श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। स्नान और दान का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मंगलवार को चंद्रग्रहण के चलते सोमवार को ही कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के लिए बाहरी प्रांतों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने सुबह से त्रिवेणीघाट का रुख किया। समूचे घाट परिसर में श्रद्धालुओं की चहल कदमी रही। गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने घाट पर अराध्य देव की पूजा-अर्चना की। त्रिवेणी घाट, नावघाट परिसर पर कतार में बैठे भिक्षुओं को अन्न और धन आदि का दान दिया। इस दौरान श्री गंगा सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई। कार्तिक पूर्णिमा पर दिल्ली, यूपी, हरियाणा आदि प्रांतों से काफी संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी घाट पहुंचे। श्रद्धालुओं के वाहनों के दबाव के चलते घाट रोड पर जाम की स्थिति रही। वहीं, स्नान पर्व पर डूबने जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए त्रिवेणीघाट पर जल पुलिस भी तैनात रही। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस भी गश्त करती नजर आयी। घाट रोड पर फूलों और पूजा सामग्री की दुकानों में भीड़ रही। पंडित वेदप्रकाश शास्त्री ने बताया कि मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण कार्तिक पूर्णिमा एक दिन पहले मनायी गई है।

