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चैत्र नवरात्र 2021: कलश शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, लगे माता के जयकारे

RNS INDIA NEWS 21/04/2021
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अल्मोड़ा, मजखाली: पंचांग के अनुसार 20 अप्रैल मंगलवार यानी आज चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. चैत्र नवरात्रि की अष्टमी की तिथि में मां महागौरी की पूजा की जाती है. नवरात्रि में महागौरी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि मां महागौरी की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है. महागौरी की पूजा करने से मन शांत और शुद्ध होता है. नकारात्मक विचारों से व्यक्ति को मुक्ति मिलती है. इसके साथ ही मां की पूजा करने से बल और बुद्धि का भी विकास होता है।

इसी चैत्र नवरात्रि की अष्टमी की तिथि के अवसर में विकासखंड द्वाराहाट के गांव मल्ली रियुनी व तल्ली रियुनी में आयोजित कलश शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें गांव के अधिकतर महिलाओं ने बड़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कलश शोभायात्रा शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र हो या रामकथा भागवत कथा जिस दिन शुरू हो नौ दिनों तक चलने वाले विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। कुमाउँनी रीति रिवाज के अनुसार, देवी देवताओं की लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों में वृद्धि करने के लिए अनेक प्रकार के उपवास, संयम, भजन, पूजन योग साधना आदि करते हैं. इस मौके पर एक तरफ जहां मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना और का दौर शुरू हो जाता है वहीं दूसरी तरफ भगवान के भक्त अपने कलश स्थापित कर पूरी श्रद्धा से प्रतिदिन उनका आह्वान करते हैं।

हिन्दू धर्म में कलश-पूजन का अपना एक विशेष महत्व है।

धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है. विशेष मांगलिक कार्यों के शुभारंभ पर जैसे गृहप्रवेश के समय, व्यापार में नये खातों के आरम्भ के समय, नवरात्र, नववर्ष के समय, दीपावली के पूजन के समय आदि के अवसर पर कलश स्थापना की जाती है।

मां महागौरी की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार मां महागौरी ने भगवान भोलेनाथ को पति के रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तपस्या की थी. भगवान शिव तपस्या से प्रसन्न हुए और मां महागौरी को स्वीकार कर लिया. कई वर्षों तक कठोर तपस्या करने के कारण मां महागौरी का शरीर काला पड़ गया और उन पर धूल मिट्टी जम गई. तब भगवान शिव ने उन्हें गंगाजल से नहलाया. भगवान शिव द्वारा मां को स्नान कराने से उनका शरीर स्वर्ण के समान चमकने लगा. तभी से मां के इस स्वरूप को महागौरी नाम दिया गया।

(रिपोर्ट मनीष नेगी)

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