
अल्मोड़ा। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की क्षमता परखने के लिए गुरुवार, 2 जुलाई को जिले के छह स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियों के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट में टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों ने संभावित आपदा परिदृश्यों के अनुरूप अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मॉक ड्रिल से जुड़ी टीमों को अपनी जिम्मेदारियां पूरी तरह समझने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में संसाधनों, प्रतिक्रिया तंत्र और रिस्पांस टाइम का परीक्षण करना है, ताकि वास्तविक आपदा आने पर राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मॉक ड्रिल के तहत इंदिरा बस्ती रानीखेत में भूस्खलन, सलना गांव द्वाराहाट में बादल फटने, सल्ट में बस दुर्घटना, कनरा गांव लमगड़ा में बादल फटने, जागेश्वर में भीड़ प्रबंधन तथा क्वारब में भूस्खलन की परिस्थितियां बनाकर राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान उपलब्ध संसाधनों और प्रतिक्रिया क्षमता का प्रभावी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित सेना, आईटीबीपी, एसएसबी, एसडीआरएफ, अग्निशमन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
