Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • कच्छ के रण से लापता कैप्टन का पता लगाएगी सरकार?
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

कच्छ के रण से लापता कैप्टन का पता लगाएगी सरकार?

RNS INDIA NEWS 06/03/2021
rns featured image new

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस

 

नई दिल्ली (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सन् 1997 से लापता सेना के कैप्टन संजीत भट्टाचार्जी की मां की ओर से दायर याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई। कैप्टन संजीत भट्टाचार्जी अप्रैल 1997 में अपनी टीम के साथ पाकिस्तान की सीमा से सटे कच्छ के रण में पट्रोलिंग के लिए गए थे और तभी से लापता हैं।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस संबंध में केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय को नोटिस जारी कर कमला भट्टाचार्जी की याचिका पर जवाब मांगा है। बेंच में जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यन भी शामिल थे। बेंच ने कैप्टन संजीत भट्टाचार्जी की मां के वकील से कहा कि वे लापता सैनिकों के ऐसे ही कुछ और मामलों को भी रिकॉर्ड में लाएं ताकि शीर्ष अदालत उनके बारे में भी जानकारी हासिल कर सके। कैप्टन संजीत 19-20 अप्रैल 1997 की रात को अपने दस्ते के साथ पेट्रोलिंग के लिए निकले थे। अगले दिन दस्ते के 15 सदस्य अपने कैप्टन और उनके शैडो लांस नाईक राम बहादुर थापा के बिना ही लौटे। इसके बाद से ही ये दोनों लापता हैं। कैप्टन संजीत के पिता का नवंबर 2020 में निधन हो गया। उनकी 81 वर्षीय मां ने करीब 24 सालों तक अपने बेटे का इंतजार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से सरकार और रक्षा मंत्रालय को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे कैप्टन संजीत का पता लगाएं और उनके परिवार को इससे अवगत कराएं कि वह कहां हैं। साल 2005 में रक्षा मंत्रालय ने कैप्टन संजीत को मृत घोषित कर दिया था लेकिन साल 2010 में राष्ट्रपति सचिवालय ने कमला भट्टाचार्जी को चि_ी लिखकर यह सूचना दी थी कि उनके बेटे का नाम प्रिजनर ऑफ वॉर्स में शामिल कर दिया गया है जिसे मिसिंग 54 के नाम से भी जाना जाता है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: सीबीएसई ने जारी किया संशोधित परीक्षा कार्यक्रम
Next: किन्नर क्यों नहीं कर सकते रक्तदान?: सुप्रीम कोर्ट

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

दिल्ली हाई कोर्ट ने नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार रखा

RNS INDIA NEWS 19/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • खेत बचाओ अभियान के तहत वैज्ञानिकों ने किसानों को किया जागरूक
  • मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 29 जुलाई से फिर आंदोलन करेंगे गुरिल्ले
  • कोसी नदी में डूबने से दो युवकों की मौत, क्षेत्र में मचा हड़कंप
  • तहसील परिसर में शत्रु संपत्ति की ई-नीलामी को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित
  • मासिक अपराध गोष्ठी में साइबर अपराध, यातायात और आपदा प्रबंधन पर फोकस
  • ग्राम विकास और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.