
अल्मोड़ा। लमगड़ा थाना क्षेत्र में डायल 112 पर झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। जांच में सूचना भ्रामक पाए जाने पर पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। साथ ही बिना सत्यापन रह रहे बाहरी व्यक्तियों और मकान मालिक पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार गुरुवार रात पितना निवासी एक व्यक्ति ने डायल 112 पर सूचना दी कि कुछ बाहरी व्यक्ति नशे की हालत में हुड़दंग कर रहे हैं और आपस में लड़ाई-झगड़ा कर रहे हैं। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी लमगड़ा प्रमोद पाठक के निर्देशन में जैंती चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार और पुलिस टीम सक्रिय हुई। घटनास्थल थाना और चौकी क्षेत्र से काफी दूर होने के कारण प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने मकान मालिक से फोन पर संपर्क किया। मकान मालिक ने बताया कि आपसी कहासुनी के बाद मामला शांत हो चुका है और कोई विवाद नहीं है। इसके बावजूद सूचना देने वाले व्यक्ति की ओर से लगातार कॉल किए जाने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच की। जांच में पाया गया कि सूचना देने वाला राजपाल सिंह स्वयं शराब के नशे में था और पुलिस को भ्रामक सूचना देकर गुमराह कर रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिन बाहरी व्यक्तियों के संबंध में सूचना दी गई थी, उनका पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। मकान मालिक ने भी किरायेदारों का अनिवार्य सत्यापन नहीं कराया था। इस पर पुलिस ने राजपाल सिंह के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की। वहीं तीन बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन न होने पर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। मकान मालिक जीत सिंह के खिलाफ किरायेदार सत्यापन नहीं कराने पर पुलिस अधिनियम के तहत पांच हजार रुपये का नकद चालान किया गया। पुलिस ने सभी संबंधित लोगों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति नहीं करने की चेतावनी दी है। साथ ही आमजन से किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों का समय पर सत्यापन कराने तथा डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग न करने की अपील की है।

