
उत्तरकाशी(आरएनएस)। बरसात के मौसम में जंगली मशरूम का सेवन से एक नेपाली दंपती पर भारी पड़ गया। जहरीले मशरूम खाने से महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि उनके पति देहरादून के अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों से जंगली मशरूम का सेवन न करने की अपील की जा रही है।जानकारी के अनुसार पुरोला बाजार में दिहाड़ी मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले नेपाली दंपती बबली (32) और तिलक बहादुर बुधवार को जंगल से जंगली मशरूम लेकर आए थे। दोनों ने रात के भोजन में मशरूम की सब्जख्का सेवन किया। कुछ देर बाद दोनों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पड़ोसियों ने उन्हें तत्काल उपजिला चिकित्सालय पुरोला पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया। देहरादून में उपचार के दौरान बबली ने दम तोड़ दिया जबकि तिलक बहादुर की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। मृतका के पड़ोसी संदीप जैन ने बताया कि दंपती लंबे समय से पुरोला बाजार में रहकर दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहे थे। घटना के बाद जनप्रतिनिधि राजपाल पंवार, बलदेव रावत और पवन नौटियाल ने लोगों से बरसात के मौसम में जंगलों में उगने वाले जंगली मशरूम का सेवन नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में लाल, बैंगनी, हरे समेत कई प्रकार के जंगली मशरूम उगते हैं, जिनमें अनेक विषैले होते हैं। इनके सेवन से गंभीर विषाक्तता और जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने ग्रामीणों, आमजन और सेब बागानों में कार्यरत मजदूरों से विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया है।
