
उत्तरकाशी(आरएनएस)। मानसून के बाद यमुनोत्री धाम में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ से पहले यात्रा मार्ग की क्षतिग्रस्त और प्रभावित व्यवस्थाएं प्रशासन के रडार पर आ गई हैं। रविवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री धाम तक करीब पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मार्ग पर क्षतिग्रस्त रेलिंग, दीवार, सफाई, स्वास्थ्य, पेयजल और यात्री सुविधाओं की स्थिति परखी। उन्होंने संबंधित विभागों को कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पैदल मार्ग के किनारे क्षतिग्रस्त रेलिंग और दीवार मिलने पर जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधीक्षण अभियंता को तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है, ऐसे में यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यात्रा मार्ग और पड़ावों पर कूड़ा व घोड़ा-खच्चरों की लीद की समस्या को देखते हुए जिला पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल को नियमित सफाई के निर्देश दिए गए। शौचालयों की मरम्मत, पर्याप्त पानी और लगातार सफाई करने को कहा गया। घोड़ा-खच्चरों के लिए चरी की सफाई और गर्म पानी की व्यवस्था भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, दवाइयों और फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर कैंपों को सक्रिय रखने को कहा गया। क्षतिग्रस्त कैंपों के दरवाजे तत्काल बदलने के निर्देश भी दिए गए। वहीं स्यानाचट्टी, पालीगाड, सिलाईबैंड और औजारी में पर्याप्त मशीनरी और कार्यबल तैनात रखने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी, सीओ बड़कोट चंचल शर्मा, अधीक्षण अभियंता विजय कुमार, ईई सिंचाई रामस्वरूप बडोनी, एएमओ जिला पंचायत भावना रावत आदि भी रहे।

