
अल्मोड़ा। ग्राम प्रधान संगठन, विकासखंड हवालबाग ने पंचायतों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम के दौरान दिए गए ज्ञापन में पंचायतों को अधिक वित्तीय, प्रशासनिक और विकासात्मक अधिकार प्रदान करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में कहा गया कि पंचायत चुनाव हुए लगभग दस माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उप-प्रधानों का चुनाव नहीं हो पाया है। संगठन के अनुसार उप-प्रधानों के अभाव में पंचायतें पूर्ण रूप से कार्यशील नहीं हो पा रही हैं, इसलिए शीघ्र चुनाव कराए जाने चाहिए। संगठन ने राज्य वित्त से मिलने वाली धनराशि में कंटिजेंसी मद की कटौती पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इसी मद से प्रधानों और उप-प्रधानों का मानदेय दिए जाने से पंचायतों के नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पंचायत निधियों पर मिलने वाले ब्याज के उपयोग का अधिकार ग्राम पंचायतों को देने तथा मानदेय की अलग व्यवस्था करने की भी मांग की गई। संगठन ने ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर न्यूनतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम प्रधान विकास कार्यों, जनसमस्याओं के समाधान, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में लगातार सक्रिय रहते हैं, जबकि वर्तमान मानदेय उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। इसके साथ ही वीबी-जीरामजी योजना की गाइडलाइन को उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित करने की मांग भी की गई। ज्ञापन में पंचायती राज अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार देने की मांग की गई। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर पंचायत व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नयाल, महामंत्री विनोद जोशी, उपाध्यक्ष चंद्रिका तिवारी और देवेंद्र मेहरा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
