
बागेश्वर(आरएनएस)। जिले में बिजली के बिलों में गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर बुधवार को कपकोट क्षेत्र के सुमगढ़ गांव के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारी का घेराव कर बढ़े हुए बिजली बिलों को तत्काल ठीक करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर कपकोट की तीनों जलविद्युत परियोजनाओं में तालाबंदी की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने कहा कि वे हर महीने नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं, इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को पांच हजार से 20 हजार रुपये तक के बिल भेजे गए हैं।घरों में एक-दो बल्ब और टीवी जैसे सीमित उपकरणों का ही उपयोग होता है। कोई उद्योग या कारखाना नहीं चल रहा है। ऐसे में इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने विभाग से बिलों की जांच कर गड़बड़ियों को दूर करने की मांग की। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि कपकोट से 25 मेगावाट बिजली पूरे प्रदेश को दी जा रही है, इसके बावजूद क्षेत्र के लोगों की उपेक्षा की जा रही है।उन्होंने कहा कि विभाग में शिकायत करने पर बढ़े हुए बिल को ‘रुका हुआ बिल’ बताया जाता है, जबकि ग्रामीण हर माह बिल जमा कर रहे हैं। उन्होंने विभाग से गांव-गांव जाकर बिजली बिलों की जांच कर उन्हें ठीक करने की मांग की। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान भूपेंद्र सिंह कोरंगा, मोनू कोमलटा, धनपाल, प्रेम रावत, विजय सिंह, भावना रावत, रमेश, कुंदन सिंह पांडा, पंकज सिंह और मंगल सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


