
देहरादून। हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर कुआंवाला स्थित मणिमाई मंदिर के पास बुधवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को नींद की झपकी आना बताई जा रही है। सभी लोग हरियाणा के रोहतक से धार्मिक यात्रा पर उत्तराखंड आए थे।
पुलिस के अनुसार हरियाणा नंबर की मारुति ईको वैन टपकेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद हरिद्वार लौट रही थी। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे खड़े एक यूटिलिटी वाहन से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही हर्रावाला चौकी और डोईवाला कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। हादसे में चालक समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। तीन घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।
हर्रावाला चौकी प्रभारी कमलेश गौड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच और घायलों के बयान में सामने आया है कि चालक को रास्ते में नींद की झपकी आ गई थी। वाहन में सवार यात्रियों ने भी उसे गाड़ी रोककर आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन उसने वाहन नहीं रोका। इसके बाद मणिमाई मंदिर के पास यह हादसा हो गया। घायलों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यह वाहन ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से किराये पर लिया था।
पुलिस के मुताबिक सभी यात्री मंगलवार को रोहतक से रवाना हुए थे और देर रात हरिद्वार पहुंचने के बाद बुधवार सुबह टपकेश्वर मंदिर में दर्शन कर वापस लौट रहे थे। मृतकों की पहचान नरेश (42) निवासी रेलवे रोड, रोहतक, विनोद निवासी आर्य नगर, रोहतक तथा चालक सोमपाल निवासी रोहतक के रूप में हुई है। एक अन्य मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी।
घायलों में विपेंद्र सिंह निवासी रेलवे रोड, हरियाणा और विक्की निवासी बदायूं (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। एक अन्य गंभीर घायल का जौलीग्रांट अस्पताल में उपचार चल रहा है, जिसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में आगे की जांच शुरू कर दी है।

