
रुड़की(आरएनएस)। राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति की रविवार को हुई बैठक में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) द्वारा लागू किए गए नए नियमों का कड़ा विरोध किया गया है। समिति के पदाधिकारियों ने इन नियमों को स्वर्ण समाज के लिए गलत और भेदभावपूर्ण बताते हुए इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की है। समिति के नगर अध्यक्ष मोहित त्यागी ने कहा कि यूजीसी द्वारा बनाए गए नियम समाज के मेधावी विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। इन नियमों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को नुकसान हो रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विधि प्रमुख आयुष त्यागी ने कहा कि यूजीसी के नियम संविधान में दिए गए समानता के अधिकार की भावना के विपरीत हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभागों ने इस ओर शीघ्र ध्यान नहीं दिया तो संगठन आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर संयोजक गौरव त्यागी, महामंत्री नितेश त्यागी, प्रभारी पंकज त्यागी, आशुतोष कौशिक, देवेश एवं उदित त्यागी ने संयुक्त रूप से कहा कि समाज के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि यूजीसी के इन नियमों पर पुनर्विचार कर स्वर्ण समाज के छात्रों को न्याय दिलाया जाए। समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आगे व्यापक स्तर पर जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

