
कैंपटी बाजार के सर्किल रेट से मुआवजा भुगतान करने की मांग
नई टिहरी(आरएनएस)। लखवाड़ बांध से प्रभावित प्रभावित काश्तकारों और बेरोजगार युवाओं ने मुआवजा भुगतान, रोजगार व अधिग्रहित भूमि का उचित मूल्य देने सहित लंबित मांगों को लेकर बैठक की। बैठक में प्रभावितों ने आरोप लगाया कि उनकी परिसंपत्तियों का पूरा मुआवजा दिए बिना ही उन पर शपथपत्र भरवाने का दबाव बनाया जा रहा है जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।रविवार को बंदरकोट में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि के अलावा छानियों, घराट, खेत-खलिहान, फलदार एवं गैर फलदार पेड़ों समेत अन्य परिसंपत्तियों का अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है लेकिन प्रभावित काश्तकारों से भूमि का कब्जा छोड़ने के लिए पहले ही शपथपत्र लेने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।कहा जब तक सभी काश्तकारों की परिसंपत्तियों का पूरा भुगतान नहीं हो जाता तब तक वे कोई शपथपत्र नहीं देंगे। लखवाड़ बांध संघर्ष समिति के अध्यक्ष महिपाल सिंह सजवाण ने प्रभावित काश्तकारों व स्थानीय बेरोजगार युवाओं के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार नहीं करने का आरोप लगाया। कहा कि परियोजना में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और आवश्यक पद सृजित करने की मांग कई बार उठाई गई लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
नई अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भी वर्तमान बाजार दरों के अनुरूप नहीं दिया जा रहा है। संघर्ष समिति ने भूमि का मुआवजा कैंपटी बाजार के सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। बैठक में निर्णय लिया गया कि लंबित मांगों को लेकर जल्द ही प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रभावितों की समस्याओं से अवगत कराएगा।
बैठक में संघर्ष समिति के सचिव राकेश राणा, सुरेश रावत , विक्रम सिंह कैंतुरा, गुलाब सिंह रावत, बच्चन सिंह रावत, शरण सिंह रावत, राकेश रावत, प्रधान सुंदर सिंह चौहान, आनंद सजवाण, आनंद रावत आदि मौजूद रहे।
