
देहरादून(आरएनएस)। उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, लचर शिक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकारों पर बढ़ते हमलों के विरोध में डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक प्रदर्शनकारियों ने बारिश के बीच भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। शनिवार को उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव एवं प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, प्रदेश की लचर शिक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकारों पर बढ़ते हमलों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार दमन किया जा रहा है। छात्रों और युवाओं की आवाज को लाठियों के बल पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के बाद डीएम कार्यालय से कचहरी रोड तक जोरदार विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की एवं नोकझोंक हुई। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार छात्रों की आवाज को भी दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और तनाव के कारण अनेक विद्यार्थियों ने अपनी जान गंवाई है, जो चिंताजनक है। कहा कि प्रधानमंत्री को देश के छात्र-युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। प्रदर्शन में शोभा बडोनी, पुष्पा पंवार, अनुराधा, बबीता, रुचि रौतेला, नंदिता गढ़िया, कुसुम, रोबिन त्यागी, विनीत प्रसाद भट्ट, वीरेंद्र पवार, हेमंत उप्रेती, जमाल खान, गौरव रावत, नितिन उनियाल, अभिषेक जुयाल आदि शामिल थे।
