
उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। दोनों धामों में प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा संपन्न कराई गई।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से गंगोत्री धाम पहुंची, जहां विशेष पूजा-अभिषेक के बाद दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर कपाट खोले गए। वहीं मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में खरसाली से यमुनोत्री धाम पहुंची और विधि-विधान के साथ 12 बजकर 35 मिनट पर कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
गंगोत्री धाम में आयोजित कपाटोद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां गंगा के मंदिर में पूजा-अर्चना कर देव डोली से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा का शुभारंभ प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये धाम आस्था के प्रमुख केंद्र हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के लिए सहयोग करने तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने की अपील की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, प्रताप पंवार, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, मंदिर समिति अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

