
अल्मोड़ा। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है और बिल को लागू करने में अनावश्यक देरी की गई। कुंजवाल ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही महिला आरक्षण बिल की समर्थक रही है और वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों में इसे पारित कराने में विपक्षी दलों ने समर्थन दिया था। उन्होंने बताया कि बिल में लोकसभा की 543 सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिल को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर इसके क्रियान्वयन को टाल दिया। साथ ही कहा कि 16 अप्रैल 2026 को इसे अधिसूचित करना चुनावी परिस्थितियों से जुड़ा कदम है। कुंजवाल ने यह भी कहा कि परिसीमन के जरिए राज्यों की सीटों में बदलाव कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही थी, जिसे विपक्ष की एकजुटता के कारण रोका गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी महिला आरक्षण बिल को तत्काल लागू करने के पक्ष में है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे तथ्यों को समझें और किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें।

