
विकासनगर (देहरादून)(आरएनएस)। सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेत में पानी छोड़ने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की हत्या के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी के घर की बाउंड्री और दो दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घरों पर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोगों को नामजद किया गया है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
जानकारी के अनुसार बैरागीवाला गांव में पानी छोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच पिछले दो-तीन दिनों से विवाद चल रहा था। शनिवार शाम यह विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि एक पक्ष के 30 से 40 लोगों की भीड़ ने लाठी-डंडों से लैस होकर दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। हमले में अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार, तीनों पुत्र भगवत प्रसाद, गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान विनोद कुमार की मौत हो गई।
मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर के अनुसार पड़ोसी इम्तियाज पुत्र शमशू के खेत से जुड़े पानी के निकास को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि शनिवार शाम करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच रज्जाक, इम्तियाज, अमन, युनुस, शहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार सहित अन्य लोग उनके घर पहुंचे। तहरीर में कहा गया है कि हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे, लकड़ी की फट्टियां, बेलचे और हथौड़े थे। आरोप है कि सभी ने एकजुट होकर परिवार पर हमला कर दिया। इस दौरान विनोद कुमार पर हथौड़े से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में अशोक कुमार, राजेश कुमार और सुषमा भी घायल हुए हैं।
विनोद कुमार की मौत की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। आरोपियों के घरों पर पथराव किया गया, कई स्थानों पर तोड़फोड़ की गई और कुछ घरों व सामान में आग लगा दी गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। रातभर गांव में पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई और लगातार गश्त की गई।
पुलिस ने हत्या के मामले में 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब तक रज्जाक पुत्र मासूम, सलमान पुत्र युनुस, जावेद पुत्र मासूम तथा शहबाज पुत्र शहीद को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी बैरागीवाला गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने आरोपियों के मकानों और अन्य निर्माणों का निरीक्षण कर चिन्हांकन की कार्रवाई की। इसके बाद बुलडोजर कार्रवाई भी की गई। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
फिलहाल बैरागीवाला गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या, हिंसा और आगजनी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
