Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • रुद्रप्रयाग
  • शीतकाल हेतु बंद हुए तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट
  • रुद्रप्रयाग

शीतकाल हेतु बंद हुए तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट

RNS INDIA NEWS 07/11/2022
03 (40)

रुद्रप्रयाग। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए सोमवार को अपराह्न 11.30 बजे बंद कर दिए गए हैं। इस मौके पर सैकड़ों भक्तों ने भोले के जयकारों के साथ डोली का स्वागत किया। इधर, बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि इस यात्रा वर्ष में तुंगनाथ मंदिर में कुल 26750 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सोमवार सुबह पांच बजे से मंदिर में कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसके बाद पुजारी अतुल मैठाणी द्वारा भगवान का दूध, जल, दही, शहद से अभिषेक किया गया। इसके बाद पूजा-अर्चना की गई। भगवान का श्रृंगार करने के बाद दस बजे मठापति रामप्रसाद मैठाणी द्वारा दान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। रविन्द्र मैठाणी, जयकृष्ण मैठाणी, मुकेश मैठाणी, चंद्रप्रकाश मैठाणी, मनोज मैठाणी द्वारा स्वयंभू शिवलिंग को फूल, मेवे, फल, अक्षत और भस्म से समाधि दी गई। जिसके बाद अपराह्न 11.30 बजे तुंगनाथ मंदिर के कपाट विधिविधान से शीतकाल के लिए बंद किए गए। कपाट बंद होते ही तुंगनाथ की चल विग्रह डोली ने अपने निशानों के साथ मंदिर की तीन परिक्रमा की। इसके बाद डोली ईशानेश्वर, भैरवनाथ व भूतनाथ मंदिर से होकर चोपता की ओर रवाना हुई। उत्सव डोली दोपहर ढाई बजे पहले पड़ाव चोपता में रात्रिविश्राम के लिए पहुंची। उत्सव डोली 8 नवंबर को चोपता से प्रस्थान कर रात्रिविश्राम के लिए भनकुन पहुंचेगी। 9 नवंबर को यहां से रवाना होकर शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ पहुंचेगी। जहां पर छह माह तक शीतकाल में भगवान की पूजा अर्चना होगी। वहीं कपाट बंद होने के अवसर पर श्रद्धालुओं भोले के भजनों पर मन्दिर परिसर में झूमते रहे। साथ ही स्थानीय महिलाओं ने मांगल गीतों के साथ डोली को धाम से विदा किया। इस मौके पर बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, सीईओ योगेंद्र सिंह, ईओ आरसी तिवारी, मठापति राम प्रसाद मैठाणी, प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, पुजारी गंगाधर लिंग, व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी, प्रबन्धक बलबीर नेगी, प्रकाश पुरोहित, कुशाल नेगी, प्रेम सिंह राणा, भगवती प्रसाद, प्रकाश गुसाईं, चंद्रमोहन सिंह, चंद्रमोहन बजवाल, पुजारी अतुल मैठाणी, रवीन्द्र मैठाणी, अजय मैठाणी आदि मौजूद थे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: अगस्त्यमुनि में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ मंदाकिनी शरदोत्सव
Next: नवनियुक्त भाजपा महिला जिलाध्यक्ष का किया स्वागत

Related Post

rns featured image new
  • रुद्रप्रयाग

अतिवृष्टि से गदेरा उफनाया, पांच पुलिया बहीं, मार्ग और कृषि भूमि को नुकसान

RNS INDIA NEWS 11/06/2026 0
rns featured image new
  • रुद्रप्रयाग

तिलवाड़ा के पास नदी में गिरी केदारनाथ यात्रियों की कार, पांच लोग घायल

RNS INDIA NEWS 07/06/2026 0
rns featured image new
  • रुद्रप्रयाग

ठेके के विवाद में पुलिसकर्मी के निलंबन की मांग

RNS INDIA NEWS 04/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 12 जून
  • नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
  • युवती को ब्लैकमेल कर धमकी देने के आरोपी पर केस
  • जनता के विश्वास की जीत है नरेंद्रनगर का जनादेश, 50 सीटों के साथ लौटेगी भाजपा: सुबोध उनियाल
  • हिंदुत्व की रक्षा के लिए तीन बच्चे पैदा करें: तोगड़िया
  • यूकेएसएसएससी परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, निष्पक्ष संचालन के दिए निर्देश
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.