Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • हाईकोर्ट ने मृत्युदंड पाए दोषी की फांसी की सजा निरस्त की
  • नैनीताल
  • न्यायालय

हाईकोर्ट ने मृत्युदंड पाए दोषी की फांसी की सजा निरस्त की

RNS INDIA NEWS 13/05/2022
Nainital High Court

नैनीताल। हाईकोर्ट ने अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर निर्मम हत्या करने के दोषी को निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने मामले को दोबारा सुनने के लिए निचली अदालत को लौटा दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश आरोपी के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के आधार पर दिया है। निचली अदालत ने इस तथ्य का संज्ञान नहीं लिया था। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में हुई। मामले के अनुसार टिहरी गढ़वाल के गुमाल गांव निवासी संजय सिंह ने 13 दिसंबर 2014 को अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर हत्या कर दी थी। इसकी रिपोर्ट आरोपी के पिता राम सिंह पंवार ने दर्ज कराई थी। दोषी संजय सिंह को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत ने अगस्त 2021 में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी, जिसे आरोपी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद वशिष्ठ को न्याय मित्र नियुक्त कर आरोपी की ओर से बहस के लिए नियुक्त किया था। न्याय मित्र ने कोर्ट को बताया कि मृत्यु दंड की सजा पाया आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। मेडिकल बोर्ड ने भी आरोपी को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए कहा है कि वह अपने द्वारा किए जाने वाले कृत्य के परिणाम नहीं जानता है, लेकिन वह इलाज के बाद ठीक हो सकता है। पर निचली अदालत ने इस तथ्य को नजरअंदाज कर आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुना दी। न्याय मित्र द्वारा प्रस्तुत तथ्य व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी को दी गई मृत्युदंड की सजा निरस्त कर आरोपी का मानसिक परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: उत्तराखंड में कोरोना के 13 नए केस
Next: हनीट्रैप में फंसाकर युवक का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

Related Post

default featured image
  • नैनीताल

दुष्कर्म मामले की विवेचना में लापरवाही पर महिला उपनिरीक्षक निलंबित

RNS INDIA NEWS 13/01/2026 0
WhatsApp Image 2026-01-13 at 17.37.00
  • नैनीताल

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को मिली जमानत

RNS INDIA NEWS 13/01/2026 0
default featured image
  • नैनीताल

अंकिता भंडारी मामले में प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने बंद को नहीं दिया समर्थन

RNS INDIA NEWS 10/01/2026 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • 11वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
  • देह व्यापार मामले में महिला को छह माह का कारावास
  • उच्च शिक्षा विभाग में 268 असिस्टेंट प्रोफसर के स्थायीकरण को सरकार की मंजूरी
  • विक्रम और ड्राइवरों का सत्यापन अभियान शुरू
  • सड़क सुरक्षा माह के तहत चौखुटिया और सोमेश्वर में निकाली जागरूकता बाइक रैली
  • जनता दरबार में सौ से अधिक शिकायतों का मौके पर समाधान

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.