Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • Tehri Garhwal । आत्मा परियोजना के तहत बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता जड़धारी हुए सम्मानित
  • उत्तराखंड
  • टिहरी

Tehri Garhwal । आत्मा परियोजना के तहत बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता जड़धारी हुए सम्मानित

30/03/2022
Tehri Garhwal । आत्मा परियोजना के तहत बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता जड़धारी हुए सम्मानित

नई टिहरी : कृषि विज्ञान केन्द्र रानीचौरी में बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर आत्मा परियोजना के तहत कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

इस मौके पर सम्मानित हुये जड़धारी ने अपने चिपको आंदोलन में कार्यकर्ता के तौर सक्रीय सहभागिता और बीज बचाओ आंदोलन की किस तरह शुरआत हुई, इसे लेकर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने किसानों से आत्मनिर्भर बनने की अपील करते हुये कहा कि रासायनिक खादों व दवाओं से बचने का प्रयास करें।

संवाद कार्यक्रम में कहा कि मिट्टी में लाखों जीवाणु होते हैं। जिससे फसल को पोषण मिलता है। जंगल में कोई खाद नही डालता है। फिर भी उसमें विभिन्न प्रकार के वृक्ष उग जाते है। प्रकृति खुद अपना काम करती रहती है। हम कहते हैं धरती बंजर हो गयी। धरती कभी बंजर नही हो सकती है।

हरित क्रांति के द्वारा उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाना उस समय की आवश्यकता थी। आज हमें पौष्टिक अनाजों के बीजों का संरक्षण, संवर्धन और मार्केटिंग की आवश्यकता है। इस मौके पर डा अरविंद विजल्वाण ने बताया कि पारंपरिक खेती की विधा को बनाये रखने की जरूरत है।

डा. अमोल वशिष्ठ ने पूर्व पीएम स्व चौधरी चरण सिंह के किसानों के लिए किए कार्यों की चर्चा की। प्रो खण्डुड़ी ने जंगली फलों जैसे काफल, हिसालू साथ ही जख्या, कंडाली, लीगरु, घिंगारू आदि के महत्व सम्बद्ध में बताया। इस मौके पर डा आलोक, डा शिखा, डा अजय कुमार, कीर्ति कुमारी सहित किसानों में दिलपाल नेगी, रीता देवी, विमल देवी, नीलिमा देवी सहित दर्जनों मौजूद रहे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: टिहरी विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार डा. धन सिह नेगी ने चंबा ब्लाक में चलाया जन संपर्क अभियान, ग्रामवासियों ने किया भव्य स्वागत
Next: Tehri Garhwal । उत्तराखण्ड सैनिकों की भूमि, यहाँ के लगभग हर घर में मिलेगी टोपी और बेल्ट : उत्तराखंड राज्यपाल

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

सात जिलों में नए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती, डॉ. योगेश पुरोहित बने अल्मोड़ा के सीएमओ

RNS INDIA NEWS 03/06/2026 0
rns featured image new
  • टिहरी

गजा क्षेत्र के गैस कनेक्शन ट्रांसफर करने की लगाई गुहार

RNS INDIA NEWS 02/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने की शिष्टाचार भेंट

RNS INDIA NEWS 02/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 04 जून
  • टहलने निकले अधेड़ की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत
  • विश्व पर्यावरण दिवस पर चलेगा ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ अभियान
  • छात्रसंघ पदाधिकारियों ने यूजेवीएनएल के ईई पर लगाया अभद्रता का आरोप
  • 15 जून तक चलेगा जल उत्सव पखवाड़ा, ग्राम स्तर पर होंगे जल संरक्षण कार्यक्रम
  • विद्यालयों में योग शिविरों के माध्यम से बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति किया जा रहा जागरूक
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.