Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अब जी भर के निकालें आंसू, वैज्ञानिकों ने बनाईं आंसू की ग्रंथियां
  • अंतरराष्ट्रीय

अब जी भर के निकालें आंसू, वैज्ञानिकों ने बनाईं आंसू की ग्रंथियां

RNS INDIA NEWS 18/03/2021
rns featured image new

वाशिंगटन। अगर आपका मन भर जाये व रोने का मन करे तो जी भरकर रोइए, क्योंकि साइंटिस्ट्स ने ऐसी ग्रंथियां बनाई हैं जिनकी बदौलत आप ढेर सारे आंसू निकाल सकते हैं। इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। बल्कि इससे आपको फायदा होगा। ज्यादा आंसू निकलने से आंखें साफ रहेंगी। आंसू से संबंधित बीमारियां दूर रहेंगी। जानकारी के अनुसार नीदरलैंड्स के ह्यूब्रेच इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंटल बायोलॉजी एंड स्टेम सेल और प्रिंसेस मैक्सिमा सेंटर फॉर पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी के वैज्ञानिकों ने इन आंसू ग्रंथियों को विकसित किया है। वैज्ञानिकों के लीडर हांस क्लेवर्स ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती थी ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित करना जिससे आंखों के चारों तरफ के गट्स बन सकें। क्योंकि आमतौर पर ये गट्स हर पांच दिन बाद अपनी लेयर बदलते हैं, लेकिन हांस की टीम ने इसमें सफलता हासिल की है। हांस क्लेवर्स की टीम ने गट टिश्यू के छोटे टुकड़े लिए। उन्हें स्टेम सेल और प्रोटीन से भरा। ताकि कोशिकाओं का विकास देखा जा सके। उम्मीद जताई जा रही थी कि स्टेम सेल्स पूरी तरह से विकसित हों और ये सामान्य आंसू की ग्रंथियों की तरह काम कर सकें। साइंटिस्ट्स की टीम ने मानव अंगों के कई मिनियेचर यानी मिनी-ऑर्गन्स बनाए हैं। जैसे लिवर, पैंक्रियास, ब्लैडर आदि. स्तनधारी जीवों से लेकर सरिसृपों तक। हांस की टीम ने सबसे पहले चूहे की आंसू ग्रंथियां बनाईं। फिर वो इंसान की तरफ बढ़े। आंसू की ग्रंथियां सिर्फ रोते समय पानी निकालने का काम नहीं करतीं, बल्कि आंखों को कई तरह से सुरक्षित रखती हैं। हांस ने बताया कि इन ग्रंथियों से निकलने वाला पानी कॉर्निया की नमी बनाकर रखता हैं। आंखों का लुब्रिकेशन करता है। जलन और संक्रामण से बचाती है। साथ ही आंखों को पोषण देता है, लेकिन जब कोई दुखी होता है, खुश होता है, चोट लगने पर, कुछ चुभने पर या आंखों में बाल या धूल जाने के बाद दिमाग इन आंसू की ग्रंथियों को पानी निकालने का निर्देश देता है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: अमेरिका में कोविड-19 से 5 लाख 36 हज़ार से अधिक लोगों की हुईं मौत
Next: राज्यसभा में गर्भ का चिकित्सकीय समापन (संशोधन) विधेयक, 2021 हुआ पारित

Related Post

rns featured image new
  • अंतरराष्ट्रीय

मोजतबा खामेनेई के रूस में इलाज की अटकलें, आधिकारिक पुष्टि नहीं

RNS INDIA NEWS 16/03/2026 0
rns featured image new
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय

महंगी पड़ेगी ट्रंप की दोस्ती, रूस से तेल न खरीदने की शर्त से भारत में बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

RNS INDIA NEWS 10/02/2026 0
rns featured image new
  • अंतरराष्ट्रीय

चीन ने बनाई शरीर की नस-नस दिखाने वाली मशीन

RNS INDIA NEWS 23/01/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • औद्योगिक हैंप की लाइसेंस व्यवस्था फिर लागू करने की मांग
  • बहुउद्देशीय शिविर में नौ शिकायतों का मौके पर निस्तारण
  • कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मत्स्य पालकों से किया संवाद, बांटे अनुदान के चैक
  • ट्रांसमिशन लाइन परियोजना में अनियमितता का आरोप
  • मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के चयन ट्रायल का कार्यक्रम तय, 500 खिलाड़ियों का होगा चयन
  • खुटकुनी भैरव मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूत
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.