
अल्मोड़ा। आगामी निर्वाचन के दृष्टिगत ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं उनके द्वारा नामित बीएलए-1 के साथ बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों, दिशा-निर्देशों एवं संबंधित मैनुअल के अनुसार ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच 5 से 19 अक्टूबर 2026 तक की जाएगी। उन्होंने सभी नामित सदस्यों से जांच प्रक्रिया के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। एफएलसी के दौरान ईवीएम की कार्यप्रणाली, कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट एवं संबंधित उपकरणों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण किया जाएगा। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इनके निस्तारण की कार्रवाई 28 सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा जिले में पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रारूप-6, 7 एवं 8 के तहत कुल 12,527 दावे एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें नए नाम जोड़ने के लिए प्रारूप-6 के तहत 6,604, नाम विलोपन के लिए प्रारूप-7 के तहत 3,073 तथा संशोधन के लिए प्रारूप-8 के तहत 2,850 आवेदन प्राप्त हुए हैं। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने पुनरीक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं एवं प्रक्रियात्मक विषयों से अधिकारियों को अवगत कराया और सुझाव दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त समस्याओं का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भरत सिंह रावत, कैलाश गुरुरानी, पूरन रौतेला सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

