
रुद्रपुर(आरएनएस)। उधार की रकम अदा न करने और चेक बाउंस होने के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्रिचा रावत की अदालत ने खटीमा के जूता कारोबारी हैदर सिद्दीकी को एक साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे साढ़े तीन लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
परिवादी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता रमनदीप सिंह सेठी ने बताया कि बनबसा निवासी धूप चंद की खटीमा के इस्लामनगर निवासी हैदर सिद्दीकी से जान-पहचान थी। हैदर खटीमा में जूते का कारोबार करता है। हैदर ने अक्तूबर 2020 में धूप चंद से एक लाख 70 हजार रुपये उधार लिए। इसके बाद दिसंबर 2022 में उसने एक लाख 30 हजार रुपये और लिए। रकम वापस करने का दबाव बनाने पर हैदर ने धूप चंद को तीन लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन चेक बैंक में बाउंस हो गया।
इसके बाद धूप चंद ने उसे चेक बाउंस होने का नोटिस भेजा और न्यायिक मजिस्ट्रेट चम्पावत की अदालत में वाद दायर किया। वाद दायर होने के बाद सितंबर 2023 में हैदर ने दो गवाहों की मौजूदगी में रकम वापस करने की बात कहते हुए समझौता किया। इसके एवज में उसने केनरा बैंक का तीन लाख रुपये का एक और चेक धूप चंद को दिया। यह चेक भी बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद धूप चंद ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया।
साक्ष्यों के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्रिचा रावत ने हैदर को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी माना। अदालत ने उसे एक साल के कारावास की सजा सुनाने के साथ साढ़े तीन लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।

