
अल्मोड़ा। भैंसियाछाना विकासखंड के दयारी गांव में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से कई परिवारों का जनजीवन प्रभावित हो गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से गांव में मलबा और बोल्डर आ गए, जिससे कई मकानों को नुकसान पहुंचा और प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षा व आजीविका का संकट खड़ा हो गया। घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्य शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर उत्तराखंड क्रांति दल के नेता विनय किरौला ने प्रभावित परिवारों की स्थिति जिला प्रशासन के संज्ञान में लाते हुए तत्काल राहत और पुनर्वास की मांग की। इसके बाद जिला अधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और भू-वैज्ञानिक की टीम रात में ही दयारी गांव पहुंची और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल 6,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और प्रभावित लोगों के सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिली। दयारी गांव सहित भैंसियाछाना क्षेत्र के ग्रामीणों ने संकट की घड़ी में उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और राहत दिलाने में सहयोग के लिए विनय किरौला का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि समय पर मामला उठाए जाने के कारण प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ राहत कार्य शुरू किया। विनय किरौला ने कहा कि आपदा के समय प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना सामाजिक दायित्व है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा त्वरित राहत, खाद्य सामग्री और पुनर्वास की व्यवस्था किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी किसी भी आपदा प्रभावित परिवार की आवाज प्रशासन तक पहुंचाने और उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। दयारी गांव के दौरे के दौरान उत्तराखंड क्रांति दल के नेता विनय किरौला, युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रवि नेगी, नगर अध्यक्ष वंश कनवाल, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, भू-वैज्ञानिक तथा अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।

