
रुड़की(आरएनएस)। दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स में सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ हो रहे हैं। मेला क्षेत्र से उठाया गया कूड़ा रुड़की मार्ग पर पर्यटन विभाग के राही गेस्ट हाउस के सामने सिंचाई विभाग की खाली पड़ी जमीन पर डाला जा रहा है। यहां कूड़े के ढेर लगने और सड़ने से उठ रही दुर्गंध के कारण सड़क से गुजरने वाले जायरीन और राहगीर मुंह ढककर निकलने को मजबूर हैं। वहीं गेस्ट हाउस में ठहरे जायरीन भी दुर्गंध से परेशान हैं और कमरों की खिड़कियां बंद रखने को मजबूर हैं। कलियर में इन दिनों साबिर पाक का 758वां सालाना उर्स चल रहा है। उर्स के दौरान बड़ी संख्या में देशभर से जायरीन यहां पहुंच रहे हैं। मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के लिए दरगाह प्रबंधन की ओर से लाखों रुपये में ठेका दिए जाने की बात कही गई है। ठेकेदार के कर्मचारियों को मेला क्षेत्र से कूड़ा उठाकर निर्धारित स्थान पर डालना था। बताया गया कि पूर्व में उर्स के दौरान कूड़ा धनौरी मार्ग की ओर नदी के पास अथवा नगर पंचायत के निर्धारित स्थल पर डाला जाता था। इस बार सफाई कर्मचारियों ने मेला क्षेत्र से कूड़ा उठाकर वाहनों के जरिए रुड़की मार्ग पर राही गेस्ट हाउस के सामने सिंचाई विभाग की खाली जमीन पर डालना शुरू कर दिया। इसके चलते सड़क किनारे जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं.
कूड़ा सड़ने से दुर्गंध इतनी अधिक फैल रही है कि वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। गेस्ट हाउस में ठहरे जायरीन भी दुर्गंध से परेशान हैं। जायरीन शाहरुख, दीवान, साजिद, मुजम्मिल, नौशाद, शाहिद, जव्वाद, दिलशाद, मेहरबान, नोमान, शहरान, शाहिल और महबूब आदि ने बताया कि उर्स में सफाई व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इस बार जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि सफाई के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मेला क्षेत्र का कूड़ा गेस्ट हाउस के सामने डालना उचित नहीं है। जायरीनों ने कहा कि राही गेस्ट हाउस में बाहर से आने वाले लोग ठहरते हैं। इसी मार्ग से बड़ी संख्या में जायरीन और स्थानीय लोग भी आवाजाही करते हैं। कूड़े के ढेरों के कारण मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं और दुर्गंध से बीमारी फैलने आशंका बनी हुई है। जायरीनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन तथा दरगाह प्रबंधन से गेस्ट हाउस के सामने जमा कूड़े को तत्काल हटवाकर निर्धारित स्थान पर डलवाने की मांग की है। साथ ही मेला क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

