
रुद्रपुर(आरएनएस)। खाद्य पदार्थों में मिलावट और घटिया सामग्री की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को रुद्रपुर और जसपुर में अभियान चलाया। टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर सरसों तेल, तिल तेल, सब्जी मसाला, तिल बर्फी, बेसन के लड्डू, मावे की बर्फी और दाल मखनी के कुल सात नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया है। जांच में नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सचिव स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा ललित मोहन पांडे के नेतृत्व में रुद्रपुर में कार्रवाई की गई। आवास विकास स्थित रॉयल मार्ट से सरसों तेल और वीबी मार्ट से तिल तेल व सब्जी मसाले के नमूने लिए गए। शिकायत के आधार पर किच्छा बाईपास रोड स्थित रंगरेज स्वीट्स से तिल बर्फी का नमूना लिया गया। वहीं, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपर्णा साह के नेतृत्व में जसपुर क्षेत्र में अभियान चलाया गया। गोस्वामी स्वीट्स, ध्याननगर से बेसन के लड्डू, मुकेश स्वीट्स मेन मार्केट से मावे की बर्फी और सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के निस्तारण के तहत मेसर्स सिंह टूरिस्ट ढाबा से दाल मखनी का नमूना लिया गया।
लाइसेंस और खरीद बिलों की भी होगी निगरानी: निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए। सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा ने बताया कि बिना पंजीकरण या लाइसेंस खाद्य कारोबार करने तथा एफएसएस एक्ट-2006 के मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थों का निर्माण, संग्रहण या बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कारोबारियों को खाद्य पदार्थों के खरीद बिल पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर दर्ज कराने, बाहरी राज्यों से केवल पंजीकृत या लाइसेंसधारी कारोबारियों से सामग्री खरीदने और खरीद-बिक्री का दैनिक रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए

