
हरिद्वार(आरएनएस)। कनखल स्थित आश्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी और प्रदेश के आयुष एवं आपदा मंत्री मदन कौशिक ने शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों ने शंकराचार्य महाराज का आशीर्वाद लिया। इस दौरान संतों के बीच धर्म, आध्यात्म और सनातन परंपराओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं, मंत्री मदन कौशिक ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर शंकराचार्य महाराज से संवाद किया।
मुलाकात के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि धर्म और आध्यात्म भारतीय संस्कृति की मूल शक्ति हैं। संत परंपरा ने सदैव समाज को सही दिशा देने, संस्कारों को मजबूत करने और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण जरूरत है।
जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य महाराज के साथ धर्म और आध्यात्म के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि संतों का मार्गदर्शन समाज के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है। सनातन परंपरा की मजबूती के साथ ही समाज में सेवा, संस्कार और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देना जरूरी है। वहीं, आयुष एवं आपदा मंत्री मदन कौशिक ने प्रदेश में आपदा प्रबंधन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को लेकर शंकराचार्य महाराज से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के साथ ही जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
मुलाकात के दौरान प्रदेश और समाज के व्यापक हित से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। शंकराचार्य महाराज ने जनकल्याण और समाजहित के कार्यों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर संत समाज से जुड़े लोग और अन्य श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

