
चमोली(आरएनएस)। विकासखंड नंदानगर के दूरस्थ गांव सुतोल में भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। स्थिति यह है कि करीब एक सप्ताह से तल्ला पूरणी व मल्ला पूरणी में भूस्खलन होने से घरों और आंगन में दरारें आ गई हैं। खतरे को देखते हुए लोगों ने विस्थापन की मांग उठाई।
तल्ला पूरणी व मल्ला पूरणी तोक सुतोल गांव से लगा हुआ है। इन तोकों में पिछले साल से भूस्खलन हो रहा है। हालांकि प्रशासन ने यहां के पांच परिवारों के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है लेकिन इस साल फिर यहां भूस्खलन शुरू हो गया है। इससे इन दोनों तोकों के करीब 10 मकान इसकी जद में आ गए हैं। इसमें हीरा सिंह, गोविंद सिंह, पुष्कर सिंह, बखतवार सिंह, लक्ष्मण सिंह, यशपाल सिंह, गोविंद सिंह, कला देवी के आवासीय घर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इनके घरों में दरारें आ चुकी हैं और अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। कुछ घरों के आंगन तरह से धंस चुके हैं। ऐसे में इन भवनों के गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि विकासखंड नंदानगर का अंतिम गांव सुतोल है। नंदा देवी की बड़ी जात में यहां बड़ी संख्या में लोग आएंगे। ऐसे में जब गांव खुद खतरे की जद में है तो यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। गांव के दर्शन सिंह, पार सिंह नेगी सहित प्रभावित परिवारों ने शासन-प्रशासन से उनके गांव का संज्ञान लेने की मांग की। भूस्खलन रोकने के लिए उचित उपाय किए जाएं। साथ ही जिनके घर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं उन्हें विस्थापित किया जाए।

