
कोटद्वार(आरएनएस)। बारिश से नदी के तेज बहाव से कई स्थानों पर तटबंध और सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, बाईं खोह नहर का हेड भी नदी के उफान की चपेट में आ गया जिससे नहर तक पानी ही नहीं जा रहा। सिंचाई विभाग नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहा है। इसके बाद ही क्षति का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
खोह नदी के तेज बहाव से सिद्धबली मंदिर के पास से लेकर गूलर पुल तक बड़े पैमाने पर भूमि कटाव हुआ है। ग्रास्टनगंज, गाड़ीघाट पुल के पास डाउन स्ट्रीम और गूलर पुल के समीप आबादी की ओर भी नदी ने कटाव किया है। कई स्थानों पर सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है।
उधर, गाड़ीघाट झूलाबस्ती स्थित ट्रचिंग ग्राउंड में नगर निगम की ओर से हाल ही में बनाई गई सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा भी बाढ़ में बह गया। लोग पहले से ही इसकी मजबूती को लेकर आशंकित थे। ग्रास्टनगंज में जिलेदार कार्यालय के समीप जल संस्थान के ट्यूबवैल की सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार का एक हिस्सा वर्ष 2023 की आपदा में ढह गया था।
दो साल बाद भी सिंचाई विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण नहीं कराया था। मंगलवार को खोह नदी के उफान में दीवार का बचा हुआ हिस्सा भी बह गया। गाड़ीघाट पुल के नीचे रतनपुर से सटी सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार का कुछ हिस्सा पिछली बरसात में क्षतिग्रस्त हुआ था। विभाग ने मरम्मत कराने के बजाय क्षतिग्रस्त हिस्से में जाल डाल दिया था, इस बार यह जाल भी बह गया। सनेह में पुश्ता ढहने से सड़क धंस गई है। सहायक अभियंता महकार सिंह का कहना है कि जलस्तर कम होने के बाद क्षतिग्रस्त तटबंधों, सुरक्षा दीवारों और नहर के हेड का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद नुकसान का आकलन कर मरम्मत के लिए इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।

