
पौड़ी। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुविधा के अभाव की एक और मार्मिक तस्वीर सामने आई है। बीमार पत्नी को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एक ग्रामीण को उसे अपनी पीठ पर उठाकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। यह घटना एक बार फिर पहाड़ के दूरस्थ गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
जानकारी के अनुसार गांव तक सड़क नहीं होने के कारण बीमार महिला के लिए एंबुलेंस या अन्य वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। मजबूरन पति ने पत्नी को पीठ पर उठाया और पैदल ही अस्पताल के लिए रवाना हो गया। यह दृश्य ग्रामीण क्षेत्रों की उस हकीकत को सामने लाता है, जहां आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा लोगों की पहुंच से दूर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। ऐसे हालात में बीमारी या आपात स्थिति के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
घटना के बाद क्षेत्र में एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि जब विकास के नाम पर बड़े-बड़े सड़क चौड़ीकरण कार्य तेजी से हो सकते हैं, तो दूरस्थ गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने में इतनी देरी क्यों हो रही है। ग्रामीणों ने सरकार से पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता देने की मांग की है।

