
देहरादून(आरएनएस)। साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर बनाकर एक बुजुर्ग से 21 लाख रुपये की रकम ठग ली। मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता, बुजुर्ग को जेट एयरवेज घोटाले में फंसाने का डर दिखाया और बैंक खाते से लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए। देहरादून साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तपोवन एंक्लेव, रायपुर निवासी 77 वर्षीय देवपाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीते 6 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। उसने बुजुर्ग को डराते हुए कहा कि जेट एयरवेज घोटाले के आरोपी नरेश गोयल के पास से एक डेबिट कार्ड मिला है।जिस पर देवपाल का नाम लिखा है। इसके बाद ठग ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने का फरमान सुनाते हुए घर से बाहर निकलने और किसी से बात करने पर सख्त रोक लगा दी। जालसाज ने बुजुर्ग को खौफ में डालते हुए कहा कि उनकी हर गतिविधि की मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके बाद सुरक्षा का हवाला देकर ठग ने एक आईसीआईसीआई बैंक खाता नंबर दिया और बुजुर्ग को अपनी सारी रकम उसमें जमा करने को कहा। घबराहट में आकर पीड़ित ने अपने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 21 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए दिए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद भी जब ठग गिरफ्तारी का भय दिखाकर और पैसों की मांग करने लगे तब बुजुर्ग को अपने साथ हुई इस बड़ी साइबर ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने तत्काल 1930 साइबर कंट्रोल रूम पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि शुक्रवार को साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। जिस खाते में रकम हुई, उसे फ्रीज कराया गया है।

