
अल्मोड़ा। विकासखंड धौलादेवी की ग्रामसभा दौलीगाड़ में स्थित प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का भवन वर्षों से जर्जर हालत में होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई और आंगनबाड़ी गतिविधियां उसी भवन में संचालित की जा रही हैं। भवन की दीवारों, छत और लकड़ी के ढांचे में गंभीर क्षति आने से बच्चों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड के सदस्य दयाकृष्ण काण्डपाल ने आरोप लगाया कि भवन की खराब स्थिति की जानकारी कई बार शिक्षा विभाग, बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि भवन के भीतर मलबा गिर रहा है और छत भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन तत्काल किसी सुरक्षित वैकल्पिक भवन में कराया जाए। साथ ही जर्जर भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी। उन्होंने शासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

