
अल्मोड़ा। अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने बुधवार को तहसील कार्यालय, उपजिलाधिकारी कार्यालय और न्यायालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण, अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव और न्यायालय की निस्तारित पत्रावलियों को नियमानुसार अभिलेखागार में भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने विभिन्न पटलों का निरीक्षण करते हुए पटल सहायकों को खतौनियां समय पर तैयार करने, कार्यालय को व्यवस्थित रखने तथा प्राप्त होने वाली जनसामान्य की डाक पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालय की निस्तारित पत्रावलियों का नियमानुसार अभिसंचयन करने पर भी जोर दिया। समीक्षा बैठक में बताया गया कि अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच स्टाम्प वादों के 24 मामलों का निस्तारण करते हुए 24.64 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिनियम के 19 मामलों का निस्तारण कर 31.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने कहा कि न्यायालयों का उद्देश्य लोगों में नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही विधिक प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं मानक के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना आवश्यक है तथा खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को एफएसएसएआई के नियमों का पालन करना चाहिए। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी संजय कुमार, स्टाम्प वादों के पेशकार योगेश तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पेशकार मनोज कांडपाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
