
हरिद्वार(आरएनएस)। उत्तराखंड के लोक पर्व हरेला पर गुरुवार को नगर वन देवपुर में वन विभाग के मुख्य कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने रुद्राक्ष का पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए प्रत्येक परिवार से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। इस अवसर पर हरित हरिद्वार अभियान के तहत जिले में 30 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि हरेला केवल एक लोक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, कृतज्ञता और संरक्षण का प्रतीक है।
भारतीय संस्कृति में वृक्ष, नदियां, पर्वत और वन सदैव पूजनीय रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरेला जैसे अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक संपदा, हिमालय, वन, नदियां और जैव विविधता राज्य की पहचान होने के साथ पर्यटन और स्थानीय लोगों की आजीविका का भी प्रमुख आधार हैं। हरिद्वार आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में शहर को स्वच्छ, हरित और सुंदर बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति संरक्षण की परंपरा सदियों पुरानी है। उन्होंने लोगों से वट, पीपल और नीम जैसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिदिन पौधा लगाना संभव नहीं है तो प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम महीने में एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने कहा कि केवल पौधरोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को पौधे भेंटकर सम्मानित किया गया। संचालन एसडीओ वन विभाग पूनम कैंथोला ने किया। इस मौके पर मेयर किरण जैसल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, अपर मुख्य वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
