
रुद्रपुर(आरएनएस)। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई है। इस संबंध में सोमवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) सहित कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूकेडी नेताओं ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से वर्षों तक मेहनत करने वाले लाखों छात्रों, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की गोपनीयता भंग होना शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली और प्रबंधन की विफलता को दर्शाता है। बार-बार परीक्षाएं रद्द होने और पेपर लीक की घटनाओं के कारण छात्रों एवं उनके अभिभावकों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मांग की कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा लिया जाए। साथ ही पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। भविष्य में परीक्षाओं की शुचिता और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी एवं प्रभावी तंत्र विकसित करने की भी मांग की गई। इस दौरान यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष आनंद सिंह असगोला, जिलाध्यक्ष जीवन सिंह नेगी, युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रोशन बिष्ट, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष कांति भाकुनी, इंदु बोरा, जानकी जोशी, व्यापार प्रकोष्ठ के केंद्रीय महामंत्री दीपक चराया, भानू मेहरा, ईश्वर दानू, मुकुल रावत, हरेंद्र कुमार, राजीव, योगेश जोशी, राहुल पांडे, हिमांशु तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
