
ऋषिकेश(आरएनएस)। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की कार्यशैली को लेकर शुक्रवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने एमडीडीए के अधिकारियों पर नक्शे के नाम पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हु्ए डोईवाला तहसील में प्रदर्शन किया और सीएम से एमडीडीए की मनमानी पर रोक लगाने तथा मनमानी करने वाले अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की।
पूर्व सैनिक संगठन, किसान और ग्रामीण डोईवाला तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने एसडीएम अर्पणा ढौंढियाल के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। राज्य सैनिक एकता मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र राणा ने कहा कि एमडीडीए की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की कार्रवाई पारदर्शी नहीं है और कई मामलों में बिना उचित जांच के ही नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।
मंच के महासचिव दरपान बोरा ने कहा कि पहले एमडीडीए के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों की संपत्तियों व नक्शों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, उसके बाद ही आम लोगों पर कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तहसील स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, तो मामला जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री तक ले जाया जाएगा। पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रबंधक मनोज नौटियाल ने कहा कि एमडीडीए आम लोगों के घरों के नक्शे बनवाने में लापरवाही दिखा रहा है और उत्पीड़न कर रहा है। कई लोगों को बिना किसी ठोस आधार और दस्तावेजी जांच के नोटिस भेजे गए हैं, जो एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मौके पर ग्राम प्रधान नांगल बुलंदावला अंजू देवी, सिमलास ग्राम प्रधान सुषमा बोरा, मारखम ग्रांट प्रधान परमिंदर सिंह बाउ, माजरी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मंगल सिंह, प्रेम पांचाल, प्रताप सिंह बिष्ट नेगी, पीसी बहुगुणा, सुरेश पुंडीर आदि उपस्थित रहे I
जनता का उत्पीड़न नहीं होने देंगे: गैरोला
एमडीडीए के खिलाफ उठते विरोध के स्वर अब सड़कों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गए हैं। एमडीडीए के खिलाफ प्रदर्शन की सूचना स्थानीय विधायक बृजभूषण गैरोला को मिली। जिसके बाद उन्हेंने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एमडीडीए से जुड़ी शिकायतों को लेकर उनकी उच्च अधिकारियों से वार्तालाप हुई है।जनता को किसी भी हाल में अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होने दिया जाएगा और यदि कहीं अधिकारियों की लापरवाही या तानाशाही सामने आती है तो उस पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनहित में होने चाहिए। इसमें जनता का उत्पीड़न कतई नहीं होना चाहिए।

