

अल्मोड़ा। समता और भारत ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से एडम्स इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में आयोजित पांच दिवसीय किशोरी बालिका अभिव्यक्ति कार्यशाला ‘किशोरी मंच’ का समापन गुरुवार को हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य एसएम सिंह ने की, जबकि प्रो. आराधना शुक्ला मुख्य अतिथि रहीं।
कार्यशाला का संचालन प्रो. विजया रानी ढोडियाल और भगवती गुसांई के संयुक्त नेतृत्व में डॉ. संगीता पवार, संयोजक महिला अध्ययन केंद्र एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के सहयोग से किया गया।
समापन समारोह में प्रधानाचार्य एसएम सिंह ने कार्यशाला में छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि कक्षा कक्ष से अलग आयोजित कौशल विकास कार्यशालाएं बालिकाओं के व्यक्तित्व और जीवन की गुणवत्ता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्य अतिथि प्रो. आराधना शुक्ला ने कहा कि किशोरावस्था में सीखे गए कौशल भविष्य में चुनौतियों का सामना करने के लिए बालिकाओं को सशक्त बनाते हैं।
भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी ने समिति के शैक्षिक विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। वहीं समता संयोजिका भगवती गुसांई ने बदलते सामाजिक परिवेश में बालिकाओं के लिए क्षमता विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रो. विजया रानी ढोडियाल ने बताया कि कार्यशाला में किशोरावस्था की चुनौतियों, शिक्षा, प्रजनन स्वास्थ्य, लैंगिक असमानता, तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन, नेतृत्व विकास और संप्रेषण कौशल जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। इसके साथ ही कहानी और कविता लेखन, पेंटिंग प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा जनगीतों के अभ्यास जैसी गतिविधियों में कक्षा आठ और नौ की छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं की रचनात्मक गतिविधियों को हस्तलिखित पत्रिका ‘किशोरी मंच’ अंक-3 में संकलित किया गया, जिसका लोकार्पण प्रधानाचार्य ने किया। समापन समारोह में छात्राओं ने स्वरचित कहानियां और कविताएं प्रस्तुत करने के साथ नुक्कड़ नाटकों का मंचन भी किया।
कार्यक्रम का संचालन नीरज पंत ने किया। इस अवसर पर प्रमोद तिवारी, नीरज पंत, अशोक पंत, गोपाल सिंह गेड़ा, विद्यालय की प्राध्यापिकाएं और कक्षा छह से 12 तक की छात्राएं मौजूद रहीं। अंत में प्रो. विजया रानी ढोडियाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।


