

रुद्रपुर(आरएनएस)। काशीपुर शहरी क्षेत्र में वर्ष 2014 से कार्यरत एक आशा कार्यकर्ता की सेवा स्वास्थ्य विभाग ने समाप्त कर दी है। मामला सोशल मीडिया पर वैक्सीन को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन बातें फैलाने से जुड़ा है। मंगलवार शाम सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल के संज्ञान में यह मामला आने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। आरोप था कि फेसबुक पर वायरल एक कथित वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग में संबंधित आशा कार्यकर्ता खुद को काशीपुर की आशा बताते हुए वैक्सीन के विरोध की बात करती सुनाई दे रही है। कथित वीडियो में उसने दावा किया कि विभाग की ओर से बच्चियों को वैक्सीन लगाने का दबाव बनाया जा रहा है और वैक्सीन के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। साथ ही उसने अन्य आशा कार्यकर्ताओं से भी वैक्सीन का विरोध करने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और अफवाह फैलाने वाला बताया है।
वहीं सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां फैलाना गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों को गुमराह करने और स्वास्थ्य विभाग के अभियान को प्रभावित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कर दी गई है और आगे भी ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
सीएमओ के मुताबिक सोशल मीडिया पर कथित वायरल वीडियो में आशा कार्यकर्ता खुद को काशीपुर क्षेत्र की बताते हुए कह रही है कि स्वास्थ्य विभाग 14 से 15 वर्ष की बच्चियों को वैक्सीन लगाने के लिए दबाव बना रहा है। उसने दावा किया कि वह अब तक किसी बच्ची को वैक्सीन नहीं लगवा पाई हैं और अन्य आशा कार्यकर्ताओं को भी इसके विरोध के लिए जागरूक कर रही है। वीडियो में उसने वैक्सीन को लेकर कई अप्रमाणित और भ्रामक दावे भी किए।

