

चमोली(आरएनएस)। मुआवजे की मांग के लिए बहुगुणानगर और सुभाषनगर के प्रभावितों और प्रशासन के बीच मंगलवार को हुई वार्ता विफल रही। प्रभावित परिवार मुआवजा मिलने के बाद ही ट्रीटमेंट कार्य शुरू किए जाने की मांग पर अड़े रहे जिस कारण बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका। मंगलवार को तहसील सभागार में हुई बैठक में प्रभावितों ने सवाल उठाया कि जब ट्रीटमेंट के लिए 50 करोड़ रुपये जारी हो सकते हैं तो मुआवजे में देरी क्यों। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुआवजा मिलने तक वे ट्रीटमेंट का कार्य नहीं होने देंगे। प्रभावित पुष्कर सिंह रावत ने बताया कि चार साल से वे प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं और पांच दिन से धरने पर हैं। सभासद कमला रतूड़ी ने सरकार से मुआवजे की समय सीमा तय करने की मांग की। प्रभावितों ने चेतावनी दी यदि जल्द मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज कर देंगे। अनियोजित विकास के कारण ही उन्हें आज धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उपजिलाधिकारी अलकेश नौडियाल ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर वार्ता हुई। समस्याएं सुनी गईं लेकिन प्रभावित मुआवजे पर अड़े हैं। वार्ता में नपा सभासद रीना रावत, पूर्व सभासद हरेंद्र सिंह बिष्ट, सुभाष चमोला, पद्मा देवी, दानू बहुगुणा, सरला देवी और राकेश रावत सहित कई अन्य प्रभावित मौजूद रहे।

