

अल्मोड़ा। जिला सैनिक कल्याण परिषद की बैठक में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने राष्ट्र सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व सैनिकों के कल्याण, पेंशन, चिकित्सा सुविधा, रोजगार और शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियों में पूर्व सैनिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने पूर्व सैनिकों को प्रशिक्षण देने, स्वयंसेवकों की सूची तैयार करने और व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में 9435 पूर्व सैनिक और 4979 वीरांगनाएं हैं। इनमें द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ी 26 वीरांगनाएं भी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व सैनिक और वीरांगनाएं देश के साहस और सेवा का प्रतीक हैं तथा उनकी समस्याओं का समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल विजय मनराल (सेवानिवृत्त), परिषद के नामित सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और पूर्व सैनिक मौजूद रहे।


